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EDF फ़ॉर्म: सेवाओं के निर्यात के लिए आसान गाइड
Last updated: 8 October 2026
संक्षेप में: 1 अक्टूबर 2026 से विदेशी ग्राहकों को सेवाएँ देने वाली कंपनियाँ, LLP, फ़र्म और एजेंसियाँ हर महीने अपने बैंक को EDF (Export Declaration Form) देंगी, इनवॉइस वाले महीने के ख़त्म होने के 30 दिन के अंदर। 7 अक्टूबर 2026 को RBI ने कहा कि अपने नाम से काम करने वाले व्यक्तियों (फ़्रीलांसर) को रिपोर्ट करने की ज़रूरत नहीं है; लिखित FAQ आने बाकी हैं।
किसे भरना है?
- कंपनी, LLP, पार्टनरशिप फ़र्म, एजेंसी: हाँ, हर महीने।
- प्रोप्राइटर (GST / IEC / करंट अकाउंट): अपने बैंक से पूछें।
- अपने नाम से काम करने वाला व्यक्ति: RBI के 7 अक्टूबर के बयान के अनुसार ज़रूरत नहीं।
कब तक?
इनवॉइस वाले महीने के ख़त्म होने के 30 दिन के अंदर। अक्टूबर 2026 के इनवॉइस: 30 नवंबर 2026 तक। एक EDF में पूरे महीने के सभी इनवॉइस आ सकते हैं।
कहाँ जमा करें?
उस बैंक में जहाँ विदेशी पेमेंट आता है (AD बैंक)। हर बैंक का तरीका अलग है (ब्रांच, ईमेल या नेट बैंकिंग)। बैंक-वार गाइड देखें।
पेमेंट कब तक आना चाहिए?
इनवॉइस की तारीख से 9 महीने में (रुपये में इनवॉइस हो तो 12 महीने)। ₹10 लाख तक के इनवॉइस के लिए आपका अपना घोषणा पत्र काफ़ी है।
EDF कैसे बनाएँ?
- EDF Maker खोलें (मुफ़्त, साइन-अप नहीं)।
- अपनी जानकारी एक बार भरें: नाम, पता, PAN, IEC, बैंक का AD कोड। IFSC डालते ही बैंक का नाम और पता भर जाता है।
- क्लाइंट जोड़ें, फिर महीने के इनवॉइस।
- प्रिंट / PDF सेव करें, साइन करें और इनवॉइस की कॉपी के साथ बैंक को दें।
आपका डेटा केवल आपके ब्राउज़र में रहता है। यह RBI या किसी बैंक की आधिकारिक साइट नहीं है।